Khamosh Jwalamukhi by Dr. Sriram Bihari Srivastava (Short Story) | Hindi Book on Social and Political Issue | Hindi Short Stories on Social and Political Issue | Short Stories on Socio-political Issues

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एक प्रकार के ज्वालामुखी और होते हैं जो सैकड़ो साल शान्त रहते हैं फिर कभी एकाएक उनमें से लावा फूट पड़ता है और समीप के हजारों लोग उसके दहकते हुए लावा की चपेट में आकर मौत के घाट उतर जाते हैं, ऐसे ज्वालामुखी को खामोश ज्वालामुखी कहा जाता है।

देश के बटवारे के बाद से भारत वर्ष की स्थिति भी खामोश ज्वालामुखी के जैसी ही है, तभी तो छोटी-छोटी बातों को ले कर देश में आए दिन हिन्दू-मुसलमान के बीच जब दंगे-फसाद होते हैं तब लगता है कि इनके दिलो में छुपा हुआ लावा फूट कर सामने आ गया है।

Description

एक प्रकार के ज्वालामुखी और होते हैं जो सैकड़ो साल शान्त रहते हैं फिर कभी एकाएक उनमें से लावा फूट पड़ता है और समीप के हजारों लोग उसके दहकते हुए लावा की चपेट में आकर मौत के घाट उतर जाते हैं, ऐसे ज्वालामुखी को खामोश ज्वालामुखी कहा जाता है।

देश के बटवारे के बाद से भारत वर्ष की स्थिति भी खामोश ज्वालामुखी के जैसी ही है, तभी तो छोटी-छोटी बातों को ले कर देश में आए दिन हिन्दू-मुसलमान के बीच जब दंगे-फसाद होते हैं तब लगता है कि इनके दिलो में छुपा हुआ लावा फूट कर सामने आ गया है।

Additional information

Weight 0.185 kg
Dimensions 14 × 0.8 × 21.6 cm
package-binding-type

Perfect Binding

Number of Pages

152

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